बारिश के बीच सड़क मरम्मत या सिर्फ खानापूर्ति? PWD की कार्यशैली पर उठे सवाल,,विकासनगर क्षेत्र में एक तरफ लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, तो दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में आती दिखाई दे रही है। डाकपत्थर रोड, नवाबगढ़ के पास से सामने आई तस्वीरों ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है।
तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सड़क पर बारिश का पानी जमा है और उसी पानी के बीच गड्ढों को तारकोल और बजरी डालकर भरा जा रहा है। आम तौर पर सड़क मरम्मत के लिए सतह का सूखा और उपयुक्त होना जरूरी माना जाता है, लेकिन यहां हालात कुछ और ही नजर आए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब बरसात शुरू होने से पहले ही कई जगह सड़कें खराब थीं, तब उनकी समय पर मरम्मत क्यों नहीं की गई? क्या विभाग को सड़कों की हालत का पता नहीं था या फिर कार्रवाई का इंतजार बारिश होने तक किया गया?
स्थानीय लोगों में इस काम को लेकर चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि यदि सड़कों की मरम्मत पहले ही कर दी जाती तो शायद बारिश के दौरान ऐसी स्थिति नहीं बनती। वहीं कुछ लोगों का यह भी सवाल है कि पानी के बीच की गई मरम्मत आखिर कितनी देर तक टिक पाएगी।
बरसात के मौसम में सड़कों पर बढ़ते गड्ढे पहले ही लोगों के लिए परेशानी और हादसों का कारण बनते हैं। ऐसे में यदि मरम्मत कार्य भी जल्दबाजी या औपचारिकता जैसा दिखे, तो लोगों का भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है।
डाकपत्थर रोड, नवाबगढ़ से सामने आई यह तस्वीर अब कई सवाल छोड़ रही है —
क्या यह स्थायी समाधान है या सिर्फ तत्काल दिखने वाला काम?
क्या बारिश के बीच किया गया यह पैचवर्क अगले कुछ दिनों तक टिक पाएगा?
और सबसे बड़ा सवाल — क्या विभाग समय पर कार्रवाई करता तो ऐसी नौबत आती?
अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग इस मामले पर क्या सफाई देता है और क्या सड़कों की गुणवत्ता को लेकर आगे कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।


